प्रकाशित तिथि: 16 जून, 2026
सांस लेना हमारे जीवन का आधार है, लेकिन हम अक्सर बहुत उथली (shallow) सांसें लेते हैं। बढ़ती उम्र में फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार और मानसिक शांति के लिए सांस लेने के विशेष योग अभ्यास (प्राणायाम) बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये अभ्यास शरीर को प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और तनाव को कम करते हैं।
नियमित प्राणायाम करने से शरीर में निम्नलिखित सुधार देखे जा सकते हैं:
प्राणायाम का अभ्यास हमेशा खाली पेट, एक शांत और स्वच्छ वातावरण में करना चाहिए। शुरुआत में किसी भी प्राणायाम को बलपूर्वक न करें। सांस को जबरदस्ती रोकने का प्रयास न करें। अनुलोम-विलोम जैसी सरल क्रियाएं बुजुर्गों के लिए सबसे अधिक सुरक्षित और प्रभावी हैं।